सिसवन से छपरा जाने मे होने वाली समस्या

सिवान जिले के रघुनाथपुर और सिसवन ब्लॉक किसी परिचय का मोहताज नहीं है! इस ब्लॉक में दर्जनों बड़े गांव तथा छोटे-छोटे कई गांव बसते हैं! रघुनाथपुर से सिसवन होते हुए छपरा जाने वाले रूट में दर्जनों बस- ट्रक चला करती थी इस रूट के बसों में सवारियों की कमी कभी नहीं हुई है, इस रूट से प्रतिदिन हजारों हजार की संख्या में लोग छपरा जाते हैं, किसी को छपरा से ट्रेन पकड़नी होती है, किसी को इलाज करवाना होता है, परंतु अब रघुनाथपुर- सिसवन से छपरा जाना दिल्ली जाने जितना दूर लगता है... बसे चलती नहीं और छोटी गाड़ियां थोड़ी थोड़ी दूर के लिए मिलती है जिसका भाड़ा 😟... 
           रघुनाथपुर- सिसवन से छपरा जाने वाले रास्ते में ताजपुर के पास नदी के ऊपर बना पुल क्रेक हो जाने के कारण इस रास्ते को बंद कर दिया गया है! इस रास्ते सिसवन से छपरा 40 किलोमीटर पड़ता था, इसके वैकल्पिक रास्ते के रूप में सिसवन से चैनपुर- रसूलपुर वाले रास्ते का इस्तेमाल होता रहा है जो सिसवन से छपरा लगभग 54 किलोमीटर पड़ता है! परंतु इस रास्ते को यह कह कर बंद कर दिया गया है की टोल गेट रसूलपुर से कुछ दूरी पर सिवान के तरफ है परंतु रास्ता रसूलपुर से कट जाता है! जिस कारण सारी गाड़ियां बिना टोल दिए निकल जाती है! इसके लिए गाड़ियां छपरा से सिवान जाती है! सिवान शहर के जाम और सिसवन ढाला के जाम को पार करते हुए सिसवन जाती है जो लगभग 100 किलोमीटर पड़ता है अब ढाई गुना दूरी तय करिए ढाई गुना भरा दीजिए और लगभग कई घंटे का समय बर्बाद कीजिए! कई लोग कहते हैं कि इस रूट में भी 15 से 20 फिट का कोई पुल क्रैक किया है जिस कारण इस रास्ते को बंद किया गया है! अगर 15 से 20 फीट का पुल क्रेक हुआ तो 2 सालों मे बना क्यों नहीं! क्यो एक छोटे से पूल के लिए इतने गाँव के लोग परेशान हैं!
         बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है चाहे वो ट्रेन पकड़ना हो चाहे खाद- बीज या बालू वगैरह की ट्रक मंगानी हो 3 गुने भाड़ा दीजिए फिर लीजिए! क्षेत्र के विधायक, सांसद और नेताओं का लग्जरी गाड़ियां तो निकल जाती है तो उन्हें इससे कोई मतलब काहे का रहेगी! "क्योंकि अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता"...जय बिहार, जय बिहार के नेता जी लो 😭😭
         नेताजी लो सो चुके हैं अब वह 5 सालों के बाद जागेंगे और अपनी मीठी मीठी बातों में क्षेत्र के लोगों को फिर गुमराह करेंगे! 
        अब इस क्षेत्र के युवाओं को आगे आना होगा, सोए हुए अधिकारियों को जगाना होगा और सोए हुए सरकार को जगाना होगा अपनी ताकत का एहसास दिलाना होगा! 🙏🙏🙏

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