संक्षिप्त लेख✍ मेरा गांव...
सिवान जिले के दक्षिणी छोर पर सरयू नदी के किनारे श्री श्री 1008 श्री हरेराम ब्रह्मचारी जी महाराज की तपोभूमि, जो गंगपुर सिसवन के नाम से प्रसिद्ध एक सुंदर सा गांव है। इस गांव में लगभग हर जाति के लोग निवास करते हैं। गांव के पश्चिमी छोर पर सरयू किनारे भक्तिमय वातावरण और चिड़ियों की मधुर आवाज के बीच बाबा ब्रह्मचारी जी महाराज की कुटिया है, जहां का दृश्य देखते ही बनता है। वहां जाने के बाद समय इतनी जल्दी बीत जाती है कि पता ही नहीं चलता, मन खिल उठता है, प्रकृति ने उस स्थान को अपने हाथों से संजोया है, उस स्थान के साथ-साथ सरयू नदी का मनोरम दृश्य सुगम अनुभूति का अनुभव कराता है। यहां हर साल पौष के अमावस्या के दिन भंडारे का आयोजन बड़े धूम-धाम से कराया जाता है जिसमे गांव वालों की सहभागिता पूरी निष्ठा के साथ होती है।
गांव में स्थित हाई स्कूल के हरे-हरे घास का मैदान जहां सुबह से ही बच्चों और नौजवानों की मौजूदगी होती है, कोई दौड़ता है, तो कोई टहलता है, कोई योगा करता है, उसके बाद क्रिकेट का खेल शुरू होता है और फिर शाम को फुटबॉल का खेल, हर समय किसी न किसी की मौजूदगी, हरे हरे घास के मैदान की शोभा बढ़ाते हुए उस की शान को बरकरार रखता है।
गांव का बाजार जो चट्टी के नाम से जाना जाता है यहां की रसदार मिठाईयां, समोसे, जलेबी व चाय की चुस्की के साथ-साथ लोगों का एकत्रित होना, राजनीतिक बातचीत, आपस में झगड़ा, प्यार, एक दूसरे का साथ, होली में उड़ता गुलाल यही तो है मेरी पहचान...मेरा गांव 💪 जयश्री राम ⛳⛳⛳
✍रोशन सिंह
गंगपुर सिसवन, सिवान (बिहार)

Comments please
ReplyDelete👏👏
ReplyDeleteवाह, नदी तट के अनुपम सौंधर्य के साथ-साथ भक्ति का पवित्र वातावरण और उसके साथ अद्भुत ग्रामीण परिवेश और क्रियाकलापों का अनोखा संगम किसी कवि के कल्पना के भी परे है। वास्तव में ईश्वर कि जीवन्त उपस्थिति दर्शाता यह गांव सचमुच वंदनीय हैं।
ReplyDeleteहमारा शत-शत नमन है।
Deleteइस लेख के माध्यम से लेखक ने जो गांव का
सचित्र वर्णन किया है वो काफी सराहनीय है।ऐसा वर्णन या तो कोई पहुंचा हुआ कवि कर सकता है,
या फिर मात्रभूमि का सच्चा सपूत जिसे अपनी जन्मभूमि से सच्ची श्रद्धां और प्रेम हो। हमें तो एकबारगी ऐसा लगा जैसे हम गांव के धरातल
पर ही खड़े हैं,मनोरम दृश्यों के अलौकिक सौन्दर्य
को निहारते हुए।इसके लिए लेखक को तहे दिल से धन्यवाद करते हैं और इस गांव के प्रति बारम्बार नतमस्तक ।
🇮🇳🙏वन्दे मातरम,वन्दे ग्राम्य जीवन। 🙏🇮🇳
Dharti pr sawrag ka ik hissa hai ye gaw👌👌👌👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद 🙏🙏
ReplyDeleteवाह 👏👏
ReplyDeleteWah Super 👌👌👏👏
ReplyDeleteMy nice village siswan.
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